आज 'देवी' दु:ख व दिक्कत में है। उसे उस सभ्य समाज से अस्तित्व के लिए लडना पड रहा है जो उसे पूजता है। पाखंडी व आडंबरी समाज अपनी जननी को ही जडाें से उखाड फ़ेंकने पर आमादा है। बेटी के नाम पर सौ-सौ कसमें खाने वाले ही उसे पीडा दे रहे हैं।
Wednesday, 2 May 2012
Stop Female Foeticide (कन्या भ्रूण हत्या बंद करो)
maa yadi chaye to use dunya ki har takat use abortion kavane ko majbur nhi kar sakti
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