Friday, 15 June 2012

लड़की सब को चाहिए पर बेटी किसी को नही ( chandan rathore)

अरे बेटी  को  मरते  हो  बेटी  क्या  होती  हे  ये  हम  आप  को  बताते  हे  हमारे   विचारो  से

बेटी  एक  सम्मान  हे  जो  सब  को  मिलना  चाहिए
बेटी   एक  इज्ज़त   हे  जो  हर  घर   को  मिलनी  चाहिए
बेटी  एक नूर  हे  जो  हर  तरफ  चमकना  चाहिए
बेटी  एक उपकार  हे  जो  सब  पर  होना  चाहिए
बेटी  दो  घर  को  चलाती  हे
बेटी दो  परिवारों   को  शिक्षित  करती  हे

लड़की   सब  को  चाहिए  पर  बेटी  किसी  को  नही   ऐशा    क्यों   ?

एक  भाई  को  भाई   चाहिए
एक प्रेमी  को  प्रेमिका  चाहिए
एक पति  को  पत्नी   चाहिए

पर एक बेटी  किसी  को  नही  चाहिए एसा क्यों  ?

अरे  मरना  ही  हे  तो  अपने  अहंकार  को  मारो
मरना  ही  हे  तो  अपने  अन्दर  के  जानवर  को  मारो

बेटी  को  क्या  मारते  हो  वो  भी  अजन्मी  बेटी  को
जो  इस  संसार  में  आने  के  सपने    देख    रही  हे  उसे  क्यों  मारते  हो  हा  ?

अब  भी  वक्त  हे  सभाल  जाओ  वरना  एक  भी  बेटी  नही  रहेगी
और  तुम  इन  सब  अनुभव  से  वंचित  रह  जाओगे

माँ  का  प्यार
बहन  का  दुलार
पत्नी  की  सेवा
प्रेमिका  की  छाया
दादी  का  आचार
माँ  की  हात  की  रोटी
कन्या  दान

अरे  मेरे  दोस्तों  हर संपन  आदमी  के  पीछे  भी  एक  ओरत  का  ही  हात  होता  हे  सोचो  उस  हात  को  ही  तोड़  दिया  तो  क्या  होगा ?

जेसे  बिन   पानी   मछली  बन  जाओगे

हाथ  बढाओ  बेटी  बचाओ 


आपका शुभचिंतक
लेखक - चन्दन राठौड़
(Facebook,PoemOcean,Google+,Twitter,Udaipur Talents)

समय - ११ :३६

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